केमिकल से भरी फसल और उसी फसल से बने हमारे खाद्य पदार्थ, जिसकी वजह से हो रही है आज हम सबकी जिंदगी बर्बाद। इसी जीवन को बचाने के लिए हम जाते हैं हमारे फैमिली डॉक्टर के पास। क्या आपने कभी सोचा है अगर हमारे खाद्य पदार्थ ही ठीक होंगे तो हमें हमारे फैमिली डॉक्टर की कभी जरूरत नहीं पड़ेगी। तभी तो कहा है कि अपनी फैमिली डॉक्टर को नहीं बल्कि फैमिली किसान को बनाइए जो आपको दे सकता है एक नया जीवन।
एमडी बायोकॉल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बन सकती है आपके लिए एक वरदान। ये कंपनी नरेश सेठी द्वारा 1999 में स्थापित की गई थी जिसकी शुरुआती तीन साल तक कार्यशैली थी एग्रीकल्चर वेस्ट जैसे की तुडी़ और बनछटी से बायोफ्यूल बनाना। उसके बाद इन्होंने केमिकल फर्टिलाइजर्स और पेस्टिसाइड बनाने का भी कार्य शुरू किया। इनके सभी प्रोडक्ट्स बायो ऑर्गेनिक है जो फसलों को केमिकल फर्टिलाइजर्स और पेस्टिसाइड से बचाने का काम करती है।
कंपनी का मुख्य उद्देश्य है किसानों की सेवा करना जिससे उनका खर्च तो कम हो लेकिन आमदनी ज्यादा हो। इससे न केवल किसानों को सहायता मिलेगी बल्कि आम आम जनता भी बिना केमिकल वाले फल और सब्जी खा सकेंगे। इस बारे में किसानों की भी समझ बढ़ती जा रही है और जागरूक हो रहे हैं कि केमिकल फर्टिलाइजर्स और पेस्टिसाइड को इस्तेमाल करने से उनकी खेत की उपजाऊ क्षमता कम हो रही है।
नई पीढ़ी के किसान के साथ-साथ सरकार भी कई नीतियां अपना रही हैं जिससे बायो ऑर्गेनिक फसल तैयार हो सके। किसान को जागरूक करने के लिए हम कई तरह के जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित करवाते हैं। हम किसान को फ्री ट्रायल भी करवाते हैं और किसान मेले में हमारी दुकान भी लगती है। इन सभी के साथ-साथ विश्वविद्यालय जैसे हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, हिसार और पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, लुधियाना भी रिसर्च कर किसानों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करवाती है।
आम जनता की पहचान के लिए एक सर्टिफिकेट की जरूरत होती है जिससे उन्हें पता चल सके कि यह खाद्य पदार्थ केमिकल से बना हुआ है या बिना केमिकल से। ये खाद्य पदार्थ थोड़े महंगे जरूर होते हैं लेकिन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं। हम उन्हें लेने से कतराते हैं लेकिन कभी यह सोच कर देखिए जो केमिकल से भरे पदार्थ हम इस्तेमाल करते हैं उससे हम डॉक्टर्स को फीस भी तो उतनी ही दे देते हैं।
आने वाले समय में ऑर्गेनिक पदार्थों का प्रयोग बढ़ जाएगा और किसान भी ज्यादा से ज्यादा जागरूक होंगे और केमिकल से भरे फर्टिलाइजर्स और पेस्टिसाइड का इस्तेमाल नहीं करेंगे।
एमडी बायोकॉल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बन सकती है आपके लिए एक वरदान। ये कंपनी नरेश सेठी द्वारा 1999 में स्थापित की गई थी जिसकी शुरुआती तीन साल तक कार्यशैली थी एग्रीकल्चर वेस्ट जैसे की तुडी़ और बनछटी से बायोफ्यूल बनाना। उसके बाद इन्होंने केमिकल फर्टिलाइजर्स और पेस्टिसाइड बनाने का भी कार्य शुरू किया। इनके सभी प्रोडक्ट्स बायो ऑर्गेनिक है जो फसलों को केमिकल फर्टिलाइजर्स और पेस्टिसाइड से बचाने का काम करती है।
कंपनी का मुख्य उद्देश्य है किसानों की सेवा करना जिससे उनका खर्च तो कम हो लेकिन आमदनी ज्यादा हो। इससे न केवल किसानों को सहायता मिलेगी बल्कि आम आम जनता भी बिना केमिकल वाले फल और सब्जी खा सकेंगे। इस बारे में किसानों की भी समझ बढ़ती जा रही है और जागरूक हो रहे हैं कि केमिकल फर्टिलाइजर्स और पेस्टिसाइड को इस्तेमाल करने से उनकी खेत की उपजाऊ क्षमता कम हो रही है।
नई पीढ़ी के किसान के साथ-साथ सरकार भी कई नीतियां अपना रही हैं जिससे बायो ऑर्गेनिक फसल तैयार हो सके। किसान को जागरूक करने के लिए हम कई तरह के जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित करवाते हैं। हम किसान को फ्री ट्रायल भी करवाते हैं और किसान मेले में हमारी दुकान भी लगती है। इन सभी के साथ-साथ विश्वविद्यालय जैसे हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, हिसार और पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, लुधियाना भी रिसर्च कर किसानों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करवाती है।
आम जनता की पहचान के लिए एक सर्टिफिकेट की जरूरत होती है जिससे उन्हें पता चल सके कि यह खाद्य पदार्थ केमिकल से बना हुआ है या बिना केमिकल से। ये खाद्य पदार्थ थोड़े महंगे जरूर होते हैं लेकिन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं। हम उन्हें लेने से कतराते हैं लेकिन कभी यह सोच कर देखिए जो केमिकल से भरे पदार्थ हम इस्तेमाल करते हैं उससे हम डॉक्टर्स को फीस भी तो उतनी ही दे देते हैं।
आने वाले समय में ऑर्गेनिक पदार्थों का प्रयोग बढ़ जाएगा और किसान भी ज्यादा से ज्यादा जागरूक होंगे और केमिकल से भरे फर्टिलाइजर्स और पेस्टिसाइड का इस्तेमाल नहीं करेंगे।



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