रंग बदलती दुनिया के बदरंग - POSITIVE STORY
CAMSOL EDUCATION SIRSA
रंग बदलती दुनिया के बदरंग

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ली अगर चुनावों के माहौल में आये तो कइयों के लिये फूलों की हो जाती है तो कइयों के लिये लट्ठमार। चुनावी माहौल में बिना रंग के ही कइयों का रंग लाल रहता है। पुलवामा और शहीदों की शहादत के रंग छोड़कर अब सब चुनावी रंगों में रंगे नज़र आ रहे हैं। वैसे देखा जाये तो चुनाव अच्छे-अच्छों का रंग उड़ा देता है।
होली के कैमिकल मिश्रित रंग तो सिर्फ त्वचा को ही विकृत करते हैं पर राजनीति के रंग तो बरसों पुरानी दोस्ती और संबंधों तक पर कालिख पोत देते हैं। मेरा सुझाव है कि रंगों से न डरें, रंग बदलने वालों से डरें। वैसे राजनीति होली की मोहताज नहीं है। जब मौका लगता है लोग अपने नेताओं पर कालिख पोतते ही रहते हैं। नेताओं को भी मुंह काले करवाने और कपड़े सफेद पहनने की आदत-सी हो गई है। वोटों के समीकरण बिठाने की घड़ी में अब प्यार-मोहब्बत के रंगों की चर्चा करने का किसी के पास समय ही नहीं है।
कुदरत हर पल रंग बदलती है। इनसान ने कुदरत से और कुछ सीखा या नहीं, पता नहीं, पर रंग बदलना ज़रूर सीखा है। इस हिसाब से देखा जाये तो रोज़ाना ही होली है क्योंकि जिंदगी रोज ही तरह-तरह के रंग दिखाती है। रोज़ ही अपनी सुविधा के रंग चुनकर इनसान अपने ख्वाबों को सजाता और साकार करता है। ऐसे भी हैं, जिन्हें दूसरों का जीवन बदरंग करने में ही स्वाद आता है।
आज हम बहुत ही खतरनाक समय के चौराहे पर खड़े हैं। देशप्रेम के रंगों की बात करना अब खतरे से खाली नहीं है। लोग ‘जय हिन्द’ और ‘वन्दे मातरम’ के शब्दों को भी शंका की निगाह से देखने लगे हैं। आतंकियों के खिलाफ बोलें तो मरे और देश के तिरंगे की बात करें तो और भी बुरे मरे। यह तय है कि देश की अखण्डता के रंगों से किसी को भी खेलने की छूट नहीं हो सकती।
देखा जाये तो सबसे ज़्यादा रंग औरत ने बदले हैं। सूट के दुपट्टों या साड़ी के फॉल व ब्लाउज के रंगों के प्रति सतर्क रहने वाली महिलाओं के रंग और ढंग दोनों ही बदल गये हैं। बेलन पकड़ने वाले हाथों में अब डिग्रियां, मोबाइल, शानदार नौकरियों के ज्वाइनिंग या इन्क्रीमेंट लैटर्स से लेकर कार और हवाई जहाज के स्टेयरिंग तक हैं।
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एक बर होली आले दिन एक छोरा भांग के पकोड़े खाकै एक गाने की लाइन बार-बार गावै था-सुबह से लेके शाम तक, शाम से लेके रात तक मुझे प्यार करो। पाच्छै तै सुरजा ताऊ बोल्या-देख लिये फेर कदे धरण ठुवाता हांडै।

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